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आज धरा पर , उतर्या जी तारा प्रकाश बाईसा म्हाने लागो जी प्यारा Paras Baisaa Kavia

Chirja Prakash Baisaa  A Chirja by Paras Baisaa Kavia तर्ज =-दल बादल बिच चमके जी तारा  - - - - -🙏🌷🌹🌷🙏 - - - - आज  धरा  पर , उतर्या जी तारा  प्रकाश बाईसा म्हाने लागो जी प्यारा  कांई  गुणगान  करू म्हारी माय  1- मन मोहक ,आभा मुख छायी -2 तो कौटिक  भान रया शरमायी  रवी  शशी करे निछरावळ आय  कांई गुणगान करू म्हारी माय  2 - स्वर्ग  से  सुंदर  श्री मंढ  लागे -2 तो त्रिभुवन नीर  भरे इण आगे सुर तैंतीस खड्या थांरे द्वार  कांई गुणगान करू म्हारी माय  3 - नैणा से  मेह  अमी  रस बरसे  - 2 तो निरखत रूप हियो म्हारो हरसे मोतियन मेह बरसावे म्हारी माय  कांई गुणगान करू म्हारी माय  4 - हिरदा मे नाम लिख्यो मां आपरो-2 तो पारस के आपरो  अडीग आसरो  अमर कसुंबो ओढाओ म्हारी माय  नित उठे दरस करूं म्हारी माय पारस कविया